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भारत में कोरोना वायरस के प्रति हर्ड इम्यूनिटी बनना एक मिथक

कोरोना
आरटी-पीसीआर कोविड-19 नेगेटिव सर्टिफिकेट लेकर आना अनिवार्य होगा (सांकेतिक तस्वीर) फोटो : सौजन्य गूगल

कोरोना का नया स्ट्रेन वायरस के प्रति शरीर में बनने वाली प्रतिरोधी क्षमता के प्रभाव को निष्क्रिय कर सकता है। ऐसे में नए स्ट्रेन के कारण उन लोगों में भी कोरोना संक्रमण खतरा हो सकता है जो या तो वैक्सीन ले चुके हैं या फिर पहले संक्रमित हो चुके है।

आशंका जताई जा रही है कि कोविड का नया स्ट्रेन देश के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। एम्स प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया ने आशंका जताई है कि भारत में कोरोना वायरस के प्रति हर्ड इम्यूनिटी बनना एक मिथक है। हर्ड इम्यूनिटी बनने के लिए देश के 80 प्रतिशत आबादी में कोरोना वायरस के प्रति एंटीबॉडी बनना आवश्यक है। जब तक इतनी बड़ी आबादी में एंटीबॉडी विकसित नहीं होता तब तक देश में कोरोना के प्रति हर्ड इम्यूनिटी की बात सही नहीं मानी जानी चाहिए।

डॉ. गुलेरिया के अनुसार कोरोना वायरस के म्यूटेशन हो जाने से हमारे शरीर की प्रतिरोधी क्षमता वायरस पर प्रभावशाली नहीं हो रहा है। कोरोना का नया स्ट्रेन वायरस के प्रति शरीर में बनने वाली प्रतिरोधी क्षमता के प्रभाव को निष्क्रिय कर सकता है। ऐसे में नए स्ट्रेन के कारण उन लोगों में भी कोरोना संक्रमण खतरा हो सकता है जो या तो वैक्सीन ले चुके हैं या फिर पहले संक्रमित हो चुके है।डॉ. गुलेरिया के अनुसार अगर महाराष्ट्र में अभी जो  कोरोना  के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है अगर वह नए स्ट्रेन का संक्रमण है तो यह बहुत ज्यादा खतरे की बात है। क्योंकि नया स्ट्रेन का संक्रमण उन सभी लोगों को भी अपनी चपेट में ले सकता है जो यह तो पहले संक्रमित हो चुके हैं या वैक्सीन ले चुके हैं।  

गौरतलब बात यह है कि महाराष्ट्र में कोविड टॉस्कफोर्स के सदस्य डॉ. शशांक जोशी ने राज्य में कोरोना के 240 नए स्ट्रेन के मामले मिलने की बात स्वीकार की है।  महाराष्ट्र में अभी संक्रमण के मामले में जो बढ़ोतरी हो रही है उसका कारण ‘नया स्ट्रेन’ ही है।   

कर्नाटक सरकार ने किया महाराष्ट्र से आने वाले लोगों के लिए कोरोना का (आरटी-पीसीआर) नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले में फिर से बढ़ोतरी की खबरें रही हैं। राज्य सरकार ने इसके खतरे को ध्यान में रखते हुए कई आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के बाद कर्नाटक सरकार के हरकत में आने की खबरें भी आने लगी है।

कर्नाटक सरकार ने महाराष्ट्र से आने वाले सभी लोगों के लिए कोरोना जांच कर निगेटिव सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य कर दिया है। महाराष्ट्र से कर्नाटक आने वाले लोगों के लिए आरटी-पीसीआर कोविड-19 नेगेटिव सर्टिफिकेट लेकर आना अनिवार्य कर दिया है। गौरतलब बात यह है कि यह सर्टिफिकेट मात्र 72 घंटे पहले का ही होना चाहिए। बगैर निगेटिव सर्टिफिकेट के किसी भी व्यक्ति को राज्य के अंदर नहीं आने दिया जायेगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जावेद अख्तर ने बताया है कि हवाई अड्डे पर  एयरलाइन कर्मी यात्रियों के कोरोना रिपोर्ट की जांच करेंगे। महाराष्ट्र से आने वाले लोगों को होटलों, रिजॉर्ट समेत अन्य स्थानों पर ठहरने के लिए आरटी-पीसीआर जांच में नेगेटिव रिपोर्ट का सर्टिफिकेट पेश करना अनिवार्य होगा।

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