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“आंगन की आकाशगंगा”

अंजू गुप्ता/anju gupta
अंजू गुप्ता/anju gupta

बेटी बोझ नहीं होती, हम ही उसके पैरों में बंधन लगाए रखते हैं।  बेटी को आँगन के दहलीज को लांघने दीजिये वो आकाश गंगा बन उभरेगी, और आप मे घर में अमृत की वर्षा करेगी। वास्तव में जो बेटी आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनती है वो घर के लिए मजबूत आधार स्तम्भ बन उभरती है। ऐसे ही एक कहानी है उत्तर प्रदेश के कानपुर की बेटी की जिनकी कम उम्र में शादी हो गई थी, पारिवारिक उत्तरदायित्व के बोझ से शरीर पर उम्र से ज्यादा थकान हावी होने लगा था, फिर उन्होंने फिटनेस के लिए जिम जॉइन किया और आगे चलकर फिटनेस इंड्रस्ट्री के चर्चित हस्ती बन गई।

कानपुर की बेटी अंजु गुप्ता की शादी बहुत ही कम उम्र में हो गई। शादी के तुरंत बाद बच्चे भी। आज अंजू गुप्ता मुम्बई में फिटनेस इंडस्ट्री का जाना पहचाना नाम है लेकिन आप को जानकर आश्चर्य होगा कि इनकी शादी मात्र 15 साल की उम्र में हो गयी थी जब वो 9th  में पढ़ती थीं। तथा 17 साल की उम्र में इनके बच्चे हो गए, उस वक्त ये 12th में थीं।

अंजू गुप्ता : शादी के एक रस्म के दौरान

 

फिर जीवन घर गृहस्थी के उलझनों में जकड़ गयी। युवा अवस्था में ही अंजू गुप्ता के सर पर बुढ़ापे सा बोझ। जीवन शिथिल होने लगा। फिर इन्होंने शरीरिक फिटनेस सुधारने के लिए जिम जाने का निर्णय लिया। इसके लिए उनका परिवार लम्बे टालमटोल के बाद तैयार हो गया। यहां आकर उनमें फिटनेस में सकारात्मक बदलाव हुआ। धीरे धीरे थकान से उबरने लगी। दरअसल, जिम का मेहनत सिर्फ शरीरिक बदलाव ही नहीं लाता बल्कि इसका स्पष्ट प्रभाव मन-मस्तिष्क पर भी पड़ता है। मानसिक तौर पर भी आदमी ऊर्जावान बन जाता है, तरोताजा महसूस करता है।

फिटनेस इंडस्ट्री मुम्बई के फ़िल्म इंडस्ट्री के बाद सबसे बड़ा इंडस्ट्री है। अंजू गुप्ता ने एक जिम सेंटर ओपन करने का निर्णय लिया। इन्होंने फिटनेस वर्ड में स्टार्टअप शुरू करने का निर्णय लिया। हालांकि यह इंडस्ट्री पुरूष प्रधान इंडस्ट्री माना जाता रहा है। यहां प्रायः महिलाएं असहज महसूस करते है। इसलिए उन्होंने  स्पेशल फीमेल के लिए जिम सेंटर खोलने का निर्णय लिया।


फिटनेस इंडस्ट्री में पांव रखना इनके लिए आसन नही था। परम्परागत परिवारों की सोच इनके पांव की बेड़ियां थी जिसको इन्होंने अपनी लगन और अकेले दम पर किये संघर्ष से तोड़ा है। इनके पति  इस निर्णय के खिलाफ थे। पति का असहयोग ही पत्नी के लिए संघर्ष का संसार रचता है। लेकिन अंजू गुप्ता ने हार नहीं मानी।  जिम सेंटर खोलने के लिए अंजू गुप्ता अपने निर्णय पर अडिग रही जिसे बाद में उनके पति ने भी स्वीकार किया। पति के सहयोग से इन्होंने एक जिम सेंटर की ओपनिंग की।


अंजू गुप्ता ने Ideal body fitness नाम से सेंटर खोली जो केवल महिलाओं के लिए ही है। यहां आज दर्जनों महिलाएं, लड़कियां बेहिचक आती हैं। आज इनका सेंटर मुंबई का चर्चित जिम सेंटर बन चुका है। जब फिटनेस इंडस्ट्री में अंजू गुप्ता एक चर्चित हस्ती बन गयी तो सभी नाराज और बगावती रिश्तों ने इनके काम की सराहना करना शुरू किया। आज ये अपने घर की मजबूत और भरोसेमंद आर्थिक स्तम्भ बन चुकी हैं। इनका संघर्ष देश की सभी बेटियों के लिए आदर्श है जिन्हें अपने घर, ससुराल से सिर्फ विरोध ही मिलता है। अगर वो थक हार कर घर बैठ गई तो कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगी, अंजू गुप्ता नहीं बन पाएंगी।


इनका  बहुत सारे परिवारों में जब घर की महिलाएं घर से बाहर जा कर काम करने का निर्णय लेते हैं तो उन्हें ससुराल में कड़े विरोध का सामना करना पड़ता है जिसके कारण लाखों प्रतिभाएं आज भी घर की चौखट में कैद है। 

 अंजू गुप्ता का मानना है कि पुरुषों को घर की महिलाओं पर भरपूर भरोसा करना चाहिए और उनको सहयोग करना चाहिए ताकि घर के लिए आय का एक नया स्रोत बन सके। महिलाओं की प्रतिभा को संदेह की नज़र से वही पुरूष देखता है जिसमें खुद खोट हो।
thinkerbabu

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  1. Proud of you my dear 💞💞💞

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