'पेगासस' पर सरकार की मिलीभगत से देश में खुफियागिरी करने का आरोप !

पेगासस’ पर सरकार की मिलीभगत से देश में खुफियागिरी करने का आरोप !

By मों अलताफ अली

इजराइली कम्पनी ‘पेगासस’ के पास 50 देशों के 50,000 मोबाइल नंबर्स का डाटा मौजूद होने की खबर है। पेगासस एक सॉफ्टवेयर कंपनी है जो NSO ग्रुप द्वारा संचालित होती है। यह कम्पनी एक ऐसे सॉफ्टवेयर का उपयोग करती है जो बगैर किसी के उपभोक्ता के इजाजत लिए उसके मोबाइल की सारी जानकारी हासिल कर लेती है जिसे आप आम बोल चाल की भाषा में ‘हैकिंग’ कहते है।

वैसे हैकिंग भारत में गैरकानूनी है  फिर भी इसका इस्तेमाल बहुत तेज़ी से किया जा रहा है। लेकिन इस बार बात कुछ अलग है। ये कोई आम हैकिंग का केस नहीं है। इस बार इस कालाबाजारी में सरकार की मिलीभगत की बात कही जा रही है।   पेगासस को संचालित कर रही NSO ग्रुप का कहना है कि वो अपने सॉफ्टवेयर सिर्फ सरकार को सेल करती है।  कंपनी का कहना है कि देश में किसी तरह की बाहरी गतिविधि पर नज़र रखने के उद्देश्य से वो लोगों के मोबाइल डाटा की जानकारी हासिल कर रही है। 

यहाँ एक बात ध्यान देने वाली बात ये है कि पेगासस कोई बच्चों का सॉफ्टवेयर नहीं है जिसे GOOGLE PLAY  से डाउनलोड कर किसी के डाटा को हैक कर लिया जा सके। यह आंतरिक सुरक्षा के नाम पर देश के कई खास लोगों की खुफियागिरी है। यह कम्पनी एक इंसान की ख़ुफ़िया जानकारी के लिए तक़रीबन 90 लाख रुपए तक चार्ज करती है । इसका मतलब है जितने लोगों का नाम अभी तक आया है उसके लिए  लगभग 350 करोड़ रुपए का खर्च हुए होंगे। THE WIRE  की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार पेगासस ने भारत के अलावा 10 देशों के पत्रकारों,नौकरशाहों और वरिष्ठ अधिकारियों  के मोबाइल को हैक किया गया है। अगर बात भारत की  कि जाए तो अभी तक 40 पत्रकारों,3 विपक्ष के नेताओं ,2 केन्द्रीय मंत्रियों, कई नौकरशाह एवं न्यायाधीशों के नाम  शामिल है। राहुल गाँधी, प्रशांत किशोर ,अभिषेक बनर्जी ,अशोक लाबासा, अलंकार सवाई ,सचिन राव जैसे नामों के साथ 2 बीजेपी के नेता अश्वनी वैष्णव और प्रह्लाद पटेल का नाम आना हैरत की बात है।

 कॉग्रेस का कहना है कि बीजेपी ने सारा हैकिंग सरकार में बने रहने और विपक्ष की गतिविधि पर नज़र रखने के लिए किया है। तो क्या बीजेपी को खुद के नेताओं पर भी शक था ? ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि बीजेपी को अपने ही लोग पर विश्वास क्यों नहीं है?

THE  CITIZEN LAB ने फोर्बिडन स्टोरीज और AMNESTY INTERNATIONAL के साथ मिलकर अपने रिपोर्ट में भारत के अलावा अज़रबैजान,बेहरीन, हंगरी,कज़ा्किस्तान, मैक्सिको जैसे कई देशों का नाम लिया है। पेगासस द्वारा इन सभी देशों में  फ़ोन हैकिंग करने की बात सामने आई है। 

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