आपकी उंगलियों पर निहित है आपकी साइबर सुरक्षा

आपकी उंगलियों पर निहित है आपकी साइबर सुरक्षा

साइबर सुरक्षा और डेटा की गोपनीयता आज दुनिया के लिए एक संवेदनशील मसला बन गया है। अनेक तरीके की साइबर अपराधों ने पूरी दुनिया के तकनीकी क्षमताओं पर सवाल खड़ा कर दिया है। आइडेंटिटी फ्रॉड (Identity fraud), बैंकिंग कार्ड स्किमिंग (Banking Card Skimming), वायरलेस हैकिंग (Wireless hacking), सलामी थेफ्ट (Salami thefts), विशिंग(Vishing), बॉट अटैक (Bot attacks), की-लॉगिंग(Key logging) जैसे साइबर अपराधों ने हम सबकी सुरक्षा और गोपनीयता के लिए संकट पैदा कर दी है।

लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि हमें हाई-टेक साइबर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए ? जैसे कोई भी जहाज बंदरगाह पर सबसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या कोई जहाज बंदरगाह पर हमेशा खड़े रहने के लिए ही निर्मित होता है ? जोखिम से डर कर तकनीक के इस्तेमाल को बंद करना सही नहीं है न! 

यह सच है कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ जोखिम प्रभावों को कम करने के लिए अत्याधुनिक तरीकों पर रिसर्च कर रहे हैं। लेकिन साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों के मन में कई तरह के भ्रम होते हैं। साइबर सुरक्षा मामलों के जानकर रीत्विका बनर्जी ने लोगों के इसी भ्रम को दूर करने और आम लोगों को साइबर साक्षरता से जोड़ने के उद्देश्य से एक किताब लिखी है ‘साइबर सिक्योरिटी एट योर फिंगर्टिप्स’। ये एक दशक से भी ज्यादा समय से साइबर सुरक्षा मामलों से जुड़ी हैं। वर्तमान में एक उत्तरी अमेरिकी मीडिया कंपनी के साथ जुड़ी हैं। उनकी प्रमुख भूमिका हाई-टेक साइबर सुरक्षा खतरों पर शीर्ष वैश्विक ग्राहकों की वकालत करना और उनके संगठन के नेटवर्क से गोपनीय डेटा लीक होने से रोकना है।

रीत्विका बनर्जी की पुस्तक ‘साइबर सिक्योरिटी एट योर फिंगर्टिप्स’ आसान शब्दों में साइबर सिक्योरिटी के गुत्थियों को पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करती है। इस किताब के जरिए हर कोई साइबर आतंक के हर तकनीकी पहलुओं से अच्छी तरह से वाकिफ हो सकता है। साइबर अपराधों से अनजान व्यक्ति जानकारी के अभाव में इसके शिकार हो जाते हैं।यह समझना बहुत जरूरी है कि तकनीकी समझ और जागरूकता आपको साइबर ठगी के शिकार होने से बचा सकती है।यह किताब अपने पाठकों के मन में कुछ प्रश्नों को पैदा भी करती है और बाद में उसका सटीक और सरल शब्दों में जवाब भी देती है। जैसे :-

• मैं एक आम आदमी के रूप में साइबर अपराध का पता कैसे लगा सकता हूँ?

• क्या मेरे पास साइबर अपराध को रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता है?

• अपने उपकरणों की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए मुझे क्या करना चाहिए?

• मैं इंटरनेट का सुरक्षित रूप से उपयोग कैसे कर सकता हूं?

• क्या स्मार्टफोन लैपटॉप से ​​ज्यादा सुरक्षित है?

• क्या मेरे सोशल मीडिया अकाउंट सुरक्षित हाथों में हैं?

• क्या वाई-फाई एक सुरक्षित नेटवर्क है?

• क्या मुझे ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग बंद कर देना चाहिए?

• क्या चाबियों के बिना स्वचालित कार को हाईजैक किया जा सकता है?

• 4G को असुरक्षित क्यों कहा जाता है?

रीत्विका बनर्जी

यह पुस्तक किसी भी गैर-तकनीकी सामान्य व्यक्ति के लिए जानबूझकर लिखी गई है। जो लोग ब्लूटूथ, वाई-फाई, इंटरनेट, सोशल मीडिया, स्वचालित कार, स्मार्टफोन, लैपटॉप, पीडीए, टेलीबैंकिंग, मल्टीमीडिया, एटीएम जैसी विभिन्न साइबर तकनीकों का नियमित इस्तेमाल करते हैं उनके लिए यह बहुत ही उपयोगी है ।

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