आतंरिक ऊर्जा ही आपके जीवन का स्त्रोत है : अनुपम शर्मा

आतंरिक ऊर्जा ही आपके जीवन का स्त्रोत है : अनुपम शर्मा

सामाजिक-पारिवारिक व्यवस्था में कई चुनौतियां होती हैं। प्रायः इन चुनौतियों से जीवन में तनाव उत्पन्न हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम ज्यादातर चुनौतियों को सुलझा ही नहीं पाते हैं। दरअसल, हम अपने आप को नहीं पहचान पाते, अपने आप को नहीं समझ पाते! जीवन की इन्हीं गुत्थियों को सुलझाने वाली लाइफ कोच अनुपम शर्मा बताती है कि हमें खुद को समझने, खुद से रिश्ते बनाने से जीवन की शुरुआत करनी चाहिए तभी बाहरी दुनिया के मुश्किलों से बच सकते हैं।

शादी के बाद अनचाही घर-गृहस्थी का भार

दरअसल, अनुपम शर्मा के जीवन के लगभग 17 साल डिप्रेशन में गुजरा, तब इनके जीवन में अवसाद के अतिरिक्त कुछ भी न था। कम उम्र में शादी, शादी के बाद अनचाही घर-गृहस्थी का भार और उसके बाद बच्चों की परवरिश की चिंता — यह सब किसी कम उम्र की लड़की को प्रीमैच्योर होने को विवश कर देती है। और इस तरह जीवन में डिप्रेशन का आगमन होता है। इनके जीवन में भी ऐसा ही हुआ। इन्हें डिप्रेशन के कारण इनके सीने में बहुत ही तेज दर्द रहने लगा, हमेशा थकान का एहसास होते रहता था। कई बार तो इन्हें मौत जीवन से ज्यादा प्यारी लगने लगी।

अनुपम शर्मा

अद्वित्य शक्ति की कृपा

किसी अद्वित्य शक्ति की कृपा से अध्यात्म, ध्यान और मनोविज्ञान की तरफ इनका रुझान हुआ। इस ज्ञान का अपने ऊपर इस्तेमाल करने से इन्हें बहुत फायदा हुआ। फिर अनुपम ने तय किया कि अंग्रेजी दवाओं के सहारे इस बीमारी का इलाज करवाने की जगह योग-प्राणायाम आदि प्राकृतिक पद्धति से इलाज करना बेहतर होगा।

उन्होंने ध्यान, प्राणायाम और मनोविज्ञान की कई पद्धतियों को सीखा औऱ फिर धीरे धीरे इस बीमारी से निजात पा ली। इस पूरे प्रक्रिया के दौरान अनुपम  ने एक-एक कर 100 से अधिक किताबों का अध्ययन किया, कई योग विधाओं को जाना। फिर उनमें एक बड़ा बदलाव हुआ। उन्होंने अपने अंदर किसी भी इंसान में समाहित ऊर्जाओं को पहचाने और उसे उभारने की क्षमता विकसित कर ली। इस तरह शरीर की मनोवैज्ञानिक बनावट और मानव मस्तिष्क की चिन्तनशैली का वर्षों तक गहरी अध्ययन के बाद उन्होंने एक परावैज्ञानिक कोर्स का डिजाइन किया है जिससे किसी इंसान को उसकी आंतरिक बनावट का अंदाजा लग सके।

शोध को सैकडों लोगों तक पहुंचाया

एशिया की पहली Charisma coach के रूप में उन्होंने अपने इस शोध को सैकडों लोगों तक पहुंचाया है। उनका मानना है कि हम सब में ऐसी ऊर्जा स्थित है जो हम सब को समान रूप से उपलब्ध है। आपका जीवन इसी ऊर्जा पर निर्धारित है। अगर आपने इस निजी ऊर्जा का ब्रह्मांडीय ऊर्जा से समन्वय बना लिया तो आप बेहद खुशहाल, सफल एवं स्वस्थ्य जीवन जी पाएंगे।

खुशहाल, स्वस्थ जीवन जीना एक कला

अनुपम शर्मा बताती है कि एक खुशहाल, स्वस्थ जीवन जीना एक कला है। यही कला एक अच्छे खिलाड़ी की तरह से कैसे जिया जाये, यही कला अनुपम शर्मा सिखाती है। वो बताती हैं कि वो खुद दो दशक से अधिक समय तक मानसिक व शारीरिक रूप से अस्वस्थ रही। वह बड़ा कष्टदायक होता है। इसलिए वो नहीं चाहती कि अब कोई दूसरा इंसान भी डिप्रेशन के चपेट में आएं। इसी नेक विचार से उन्होंने इस कोर्स का डिजाइन किया है।

अनुपम शर्मा का ध्येय है कि वो कम से कम 1 लाख लोगों को ये कला सिखाये जिससे वो अपनी आंतरिक ऊर्जा को प्रज्वलित करना एवं उसका सही प्रयोग करना सीख जाएँ।

किताब भी लिखी है

अनुपमा शर्मा देश के चर्चित NLP Practitioner and Theta Healer भी है. इन्होंने ‘Purple Magnetism’ नाम की किताब भी लिखी है। अनुपमा कभी न थकने वाली अहर्निश चलते रहने वाले व्यक्तित्व की मिसाल हैं। आज 50 वर्ष की उम्र में भी उनके अंदर एक युवा की भांति ऊर्जा है। वो ही देश-विदेश की यात्रा करती हैं। इन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के समाज को बखूबी समझा भी है, चुनौतियों को परखा है। 

 


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